ये तेरी दिवाली
ये मेरी दिवाली
तेरे घर के गुलशन हर कोने में
चमकते दियो की रोशनी
कोना कोना जगमगा रहा
मेरे घर पे कब्रिस्तान का
साया है मंडरा रहा
मेरे यहाँ भी रोशनी है
पैर एक वक्त की रोटी की आशाओं की
मेरे घर भी जगमग है
मेरी अधूरी तमन्नाओ की
लोग तो आते तेरे घर भी है
मिलने को बतियाने को
इस दिवाली के मौके पैर
तेरे यहाँ खुशिया बंटाने को
तेरे घर से आती खुशबु
उन मिठाईओ की
मेरे घर भी लोग आते हैं जाते है
पैर मुझे दुत्कारने को
मेरे यहाँ भी आती है खुशबु
पैर मेरे मन में छुपी ख्वाहिशो की
तेरे बच्चे भी खुश है रोते हैं
मचलते हैं पटाखे छुडाने को
और नाराज हो जाते हैं
मेरे यहाँ भी बच्चे रोते है
पैर भूख से बिलबिलाने को
तेरे घर की जलती बुझती रोशनियों से
गरम होते मेरे आशियाने को
आज भी इन्तेजार है अगली दिवाली का आने को
तेरे इतना बड़े घर में भी सच की कंगाली है
मेरी इस छोटी सी झोंपडे में बसती तंगहाली है
ये तेरी दिवाली है
ये मेरी दिवाली है
Wednesday, October 21, 2009
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