| काश ना हो हर रात के बाद सवेरा शायद कुछ जिन्दगानियो का फलसफा येही होता है ऐसे मिलने स तो ना मिलना अच्चा जिसमे जुदाई का गम जुदा होता है ऐसे ही नहीं बन जाते कुछ लोग अपने खास ये तो एक अहसास है जो वक्त की कसौटी पे परख के आता है वरना कहा इस जालिम जमाने में कोई अपना बन जता है जता देना सब कुछ एक बार में हर बार हो नहीं पाटा कुछ तो रहम-इ-दिल तो कुछ ishq के aaine में नहीं sambhal पाटा है gar wajood होता aapni tanhaiyo का तो aksar wo hamaare saamne aa khadi hoti aur hamaare rishto के darmiyan बन jaati एक nayee hakeekat। ऐसे ही chalti है jindgaani 'Panky' Faslo का अहसास najdikiyo स होता nahi |
Wednesday, February 10, 2010
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